नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर बढ़ी हलचल, आर्थिक सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगी नजर !

नई दिल्ली में BRICS देशों के शिखर सम्मेलन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर बदलती परिस्थितियों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है। भारत की मेजबानी में हो रही बैठकों पर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं।

BRICS समूह में शामिल देशों के लिए यह सम्मेलन आपसी सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों, ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता और विकासशील देशों की भूमिका जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है।

भारत के लिए यह सम्मेलन कूटनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से अहम है। नई दिल्ली लगातार व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर जोर देती रही है। ऐसे में BRICS देशों के साथ बेहतर तालमेल भारत के आर्थिक हितों को बढ़ावा दे सकता है।

ऊर्जा सुरक्षा भी सम्मेलन का प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आ सकता है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बीच ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना कई देशों की प्राथमिकता है।

सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों का दौर भी जारी रहने की उम्मीद है। इन चर्चाओं से भविष्य में व्यापार और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।