मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात, रक्षा-ऊर्जा और व्यापार सहयोग मजबूत करने पर जोर !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अहम बैठक को भारत-रूस संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। बदलते वैश्विक हालात के बीच भारत और रूस के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करना दोनों देशों की प्राथमिकताओं में शामिल है।

बैठक के दौरान द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत लंबे समय से रूस के साथ ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदारी बनाए हुए है। वहीं रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच लंबे समय से सहयोग रहा है।

वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच मोदी-पुतिन मुलाकात को खास महत्व दिया जा रहा है। दोनों देशों के नेताओं के बीच होने वाली बातचीत का असर भविष्य की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी पर पड़ सकता है।

भारत लगातार सभी प्रमुख देशों के साथ संतुलित और व्यावहारिक संबंध बनाए रखने की नीति पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में रूस के साथ संबंधों को मजबूत करना भारत की विदेश नीति का अहम हिस्सा माना जाता है।