साहिबगंज जिला कांग्रेस कार्यालय में रविवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष बरकत खान ने प्रेसवार्ता कर एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर पार्टी की आपत्तियां सामने रखीं। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की।
बरकत खान ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।
मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर भी सवाल
प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अपनी पार्टी की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी।
भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।
एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस की आपत्ति
बरकत खान ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण पारदर्शी तरीके से होना चाहिए और पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहना जरूरी है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों को सामने रखते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
वहीं, निर्वाचन आयोग की आधिकारिक मतदाता सेवा वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें अंतिम SIR मतदाता सूची में नाम खोजने और संबंधित दस्तावेज जमा करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रेसवार्ता के दौरान एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पार्टी की चिंताओं को दोहराते हुए मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
