शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि युवाओं में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करना भी है। शिक्षा के माध्यम से ही युवाओं का सर्वांगीण विकास संभव है। ये बातें बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के कुलपति दिनेश चंद्र राय ने पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर में आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहीं।
पकड़ी देवराज स्थित एपीजे अब्दुल कलाम डिग्री महाविद्यालय में पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती और विश्व विद्यार्थी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों ने डॉ. कलाम के व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बीआरएबीयू मुजफ्फरपुर के कुलपति दिनेश चंद्र राय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञानवान बनाने के साथ-साथ उनमें नई सोच, नवाचार और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से महाविद्यालय आने और पूरी मेहनत, लगन एवं अनुशासन के साथ पढ़ाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की नींव होता है। इस दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभव ही आगे चलकर युवाओं को समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए सक्षम बनाते हैं।
कुलपति ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कहते हुए विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
