बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव बनाने की मांग, “आखिरी दम तक जारी रहेगी लड़ाई” – संध्या डालाकोटि

Lalkuan के बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव घोषित किए जाने की लंबे समय से उठ रही मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। बीते फरवरी महीने में हुए विशाल धरना-प्रदर्शन के बाद एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है।

इस बार वन अधिकार समिति और पूर्व सैनिक संगठन के संयुक्त तत्वावधान में प्रस्तावित तीन दिवसीय कार्यक्रम “जन-जन की सरकार कब आएगी बिन्दुखत्ता के द्वार” को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सत्ताधारी और विपक्ष दोनों दलों के जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं से संपर्क कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया जा रहा है।

वन अधिकार समिति की संरक्षक Sandhya Dalakoti ने स्पष्ट कहा कि बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव का दर्जा दिलाने की यह लड़ाई आखिरी दम तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक मांग नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों के अधिकारों और विकास से जुड़ा मुद्दा है।

आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि राजस्व गाँव का दर्जा मिलने से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं, भूमि अधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच सकेगा।

स्थानीय लोगों में इस बार आंदोलन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह जनदबाव सरकार को जल्द निर्णय लेने के लिए मजबूर करेगा।