डिजिटल युग में तेजी से फैल रही भ्रामक खबरों और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने फेक न्यूज पर नियंत्रण के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली गलत सूचनाओं को रोकना है।
सरकार के अनुसार, कई बार फेक न्यूज के कारण सामाजिक अशांति, कानून-व्यवस्था की समस्या और लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए Government of India ने संबंधित एजेंसियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को सख्ती से नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
नए दिशा-निर्देशों के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की जा रही सामग्री की निगरानी बढ़ानी होगी। संदिग्ध और भ्रामक खबरों की पहचान कर उन्हें तुरंत हटाने या उन पर चेतावनी देने की व्यवस्था करनी होगी। साथ ही, यूजर्स को भी सच और झूठ की पहचान के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो व्यक्ति या संगठन जानबूझकर फेक न्यूज फैलाते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आईटी एक्ट और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल मीडिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद करेगा। हालांकि, कुछ लोगों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता जताई है, जिस पर सरकार का कहना है कि यह कदम केवल गलत सूचनाओं को रोकने के लिए है, न कि सही खबरों को दबाने के लिए।
सरकार ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें और केवल विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें।