देश की आर्थिक दिशा तय करने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आगामी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इस बैठक में महंगाई (Inflation) और ब्याज दरों (Interest Rates) को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
पिछले कुछ समय से महंगाई दर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिससे आम लोगों के खर्च पर असर पड़ा है। ऐसे में RBI के सामने सबसे बड़ी चुनौती महंगाई को नियंत्रित करते हुए आर्थिक विकास को बनाए रखना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस बार ब्याज दरों में बदलाव कर सकता है या फिर मौजूदा दरों को बरकरार रख सकता है। अगर ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है तो लोन महंगे हो सकते हैं, वहीं दरों में कटौती से कर्ज सस्ता होने की संभावना रहती है।
इस बैठक के फैसलों का सीधा असर बैंकिंग सेक्टर, शेयर बाजार, निवेश और आम लोगों की EMI पर पड़ता है। इसलिए निवेशक और आम जनता दोनों ही इस बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।