देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार GST कलेक्शन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और डिजिटल भुगतान के तेजी से बढ़ते उपयोग ने आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक टैक्स संग्रह में वृद्धि से व्यापार और उपभोग दोनों क्षेत्रों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। वहीं UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल से देश में कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा मिला है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार आने वाले समय में भारत की आर्थिक स्थिति को और मजबूत कर सकता है।