nited States और China के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव को लेकर वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल बना हुआ है। दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात, तकनीकी प्रतिबंध और टैरिफ से जुड़े मुद्दों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर डालना शुरू कर दिया है।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव बढ़ने से वैश्विक सप्लाई चेन, निवेश और शेयर बाजार प्रभावित हो सकते हैं। इसका असर एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी देखने को मिल रहा है, जहां निवेशकों में अस्थिरता बढ़ी है।
तकनीकी क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण उद्योग पर इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने व्यापारिक फैसलों को लेकर सतर्क नजर आ रही हैं। वहीं कच्चे तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच बातचीत से समाधान नहीं निकलता है तो इसका असर वैश्विक आर्थिक विकास पर पड़ सकता है। दुनिया भर के निवेशक और बाजार अब दोनों देशों की अगली रणनीति पर नजर बनाए हुए हैं।