नई दिल्ली। भारत के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) परियोजना को नई गति मिल गई है। रक्षा मंत्रालय ने परियोजना की अगली चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे देश की रक्षा क्षमताओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
AMCA भारत का महत्वाकांक्षी स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक से लैस पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट विकसित करना है। यह विमान भारतीय वायुसेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है और इसे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
परियोजना में भागीदारी के लिए देश की कई प्रमुख रक्षा और एयरोस्पेस कंपनियां दौड़ में शामिल हैं। इन कंपनियों की भागीदारी से स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और घरेलू उद्योगों को नई तकनीकों के विकास का अवसर प्राप्त होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि AMCA परियोजना के सफल क्रियान्वयन से भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जिनके पास स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की क्षमता है। इससे न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी नए अवसर खुल सकते हैं।
रक्षा मंत्रालय के इस कदम को ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह परियोजना भारत की सामरिक क्षमता और रक्षा तकनीक के विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।