केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र पर मौसम की अनिश्चितताओं के संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी राज्यों को अग्रिम तैयारी करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को मौसम संबंधी चुनौतियों से होने वाले नुकसान को कम करना और कृषि उत्पादन को सुरक्षित बनाए रखना है। इसके लिए राज्यों को आपदा प्रबंधन, फसल संरक्षण और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार बदलते मौसम, अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़, आंधी-तूफान और अत्यधिक तापमान जैसी परिस्थितियां खेती-किसानी को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में राज्यों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने तथा किसानों को समय पर आवश्यक सलाह और सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकारों से कृषि विभाग, मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। साथ ही मौसम पूर्वानुमान के आधार पर किसानों तक समय पर जानकारी पहुंचाने, वैकल्पिक फसल योजनाएं तैयार करने और बीज, उर्वरक तथा सिंचाई संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
सरकार ने फसल बीमा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में त्वरित राहत व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने की बात कही गई है ताकि मौसम की मार से फसलों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।