देशभर में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में आधिकारिक रूप से दस्तक दे दी है, जिसके साथ ही देश में चार महीने तक चलने वाले वर्षा ऋतु की शुरुआत हो गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून केरल तट पर सक्रिय हो चुका है और अब धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा।
मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी गतिविधियां तेज होने के संकेत मिले हैं। कई क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है, जिससे कृषि क्षेत्र को बड़ा लाभ मिल सकता है। देश की लगभग आधी आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है और खरीफ फसलों की बुवाई काफी हद तक मानसून पर आधारित होती है। समय पर मानसून आने से धान, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों की उत्पादन लागत भी कम हो सकती है।
मानसून की एंट्री के साथ ही कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप देखा जा रहा था। मौसम विभाग का मानना है कि बारिश बढ़ने के साथ ही लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।