हरिद्वार पुलिस ने 25 दिनों की कड़ी मेहनत और तकनीकी जांच के बाद एक अज्ञात महिला हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने प्रेम प्रसंग के चलते महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
मामला 10 मई 2025 का है, जब चंडी देवी मंदिर रोपवे के पास प्रतिबंधित पैदल मार्ग पर झाड़ियों के बीच एक अज्ञात महिला का सड़ा-गला शव मिला था। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना लगभग असंभव था। घटनास्थल से पुलिस को दो कुंडल, टूटा मंगलसूत्र, सफेद गमछा और महिला के गले में कसा हुआ ब्लाउज बरामद हुआ था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने 600 घंटे से अधिक सीसीटीवी फुटेज, लाखों मोबाइल नंबरों और तकनीकी डाटा का विश्लेषण किया। इसी दौरान पुलिस को 8 मई की फुटेज में तीन संदिग्ध पुरुषों के साथ एक महिला चंडी देवी मंदिर की ओर जाते दिखाई दी, जबकि लौटते समय महिला उनके साथ नहीं थी।
तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर पुलिस बांदा (उत्तर प्रदेश) पहुंची, जहां से राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविंदा और छेदीलाल को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतका कौशिल्या और रामप्रकाश के बीच प्रेम संबंध थे। रामप्रकाश पहले से शादीशुदा था और कौशिल्या उस पर शादी का दबाव बना रही थी। इससे परेशान होकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
आरोपियों ने कौशिल्या को चंडी देवी दर्शन के बहाने हरिद्वार बुलाया और सुनसान स्थान पर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया ताकि पहचान न हो सके। हालांकि हरिद्वार पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच ने आरोपियों की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
मामले के सफल खुलासे पर पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र ने पुलिस टीम को 5,000 रुपये तथा एसएसपी हरिद्वार ने 2,500 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।
