समस्तीपुर विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र की सुरौली पंचायत के वार्ड संख्या-3 स्थित रविदास टोला में गुरुवार को 70 वर्षीय मेघनी देवी के महापरिनिर्वाण के उपरांत आयोजित श्रद्धांजलि सभा एक सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम में बदल गई। कार्यक्रम में अंधविश्वास, पाखंड और मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षक अरविंद कुमार राम ने की, जबकि मंच संचालन अशोक कुमार राम ने किया। श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत तथागत गौतम बुद्ध, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर और संत शिरोमणि संत रविदास के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद दिवंगत मेघनी देवी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भंते बुद्ध प्रकाश ने कहा कि पाखंड, अंधविश्वास और मृत्यु भोज जैसी परंपराएं समाज के लिए अभिशाप हैं। उन्होंने कहा कि जिस चीज को लोग अक्सर जादू या चमत्कार समझ लेते हैं, वह वास्तव में विज्ञान और तर्क पर आधारित होती है। समाज को अंधविश्वास छोड़कर वैज्ञानिक सोच अपनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक सुधार के माध्यम से ही समाज को कुरीतियों से मुक्त किया जा सकता है। भंते बुद्ध प्रकाश ने लोगों से अपील की कि वे महापुरुषों के विचारों को अपनाएं और समानता, शिक्षा तथा मानवता के मार्ग पर चलें।
सभा में उपस्थित वक्ताओं ने भी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने, शिक्षा को बढ़ावा देने तथा बाबा साहेब अंबेडकर, गौतम बुद्ध और संत रविदास के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी मौजूद रहे। वक्ताओं ने इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
