मॉडल केवल कागजों पर: जमुआ प्रखंड कार्यालय में शौचालय व्यवस्था ध्वस्त,

 गिरिडीह जिले का मॉडल प्रखंड सह अंचल कार्यालय जमुआ इन दिनों बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर चर्चा में है। 42 पंचायतों वाले इस बड़े कार्यालय परिसर में प्रतिदिन हजारों ग्रामीण विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां आम नागरिकों के लिए आवश्यक शौचालय सुविधा लगभग ठप पड़ी हुई है।

जानकारी के अनुसार परिसर में निर्मित शौचालय सफेद हाथी साबित हो रहा है। शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव के अभाव में स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। महिला शौचालय पर अक्सर ताला लटका रहता है, जिससे दूर-दराज के गांवों से आने वाली महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार स्वच्छता और महिला सम्मान को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन प्रखंड कार्यालय जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव देखने को मिल रहा है। कई लोगों ने बताया कि शौचालय उपयोग योग्य नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में इधर-उधर भटकना पड़ता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शौचालयों की नियमित सफाई, पानी की व्यवस्था तथा महिला शौचालय को तत्काल खोला जाए ताकि कार्यालय आने वाले लोगों को राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि जब मॉडल प्रखंड कार्यालय की यह स्थिति है तो अन्य सरकारी कार्यालयों की व्यवस्था का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेते हैं और आम जनता को बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में क्या कदम उठाते हैं।