पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और पलायन रोकने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जनपद पौड़ी के कोट ब्लॉक स्थित देवार गांव के प्रगतिशील किसान नरेश चंद्र भट्ट इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं।
नरेश चंद्र भट्ट ने वर्ष 2014 से खेती और पशुपालन को अपनी आजीविका का आधार बनाया। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए आज वे लगभग 20 नाली भूमि पर व्यावसायिक स्तर पर सब्जियों की खेती कर रहे हैं। उनकी मेहनत और नवाचार के चलते कृषि से होने वाली आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
नरेश भट्ट ने पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों का सफल समन्वय कर यह साबित किया है कि यदि योजनाबद्ध तरीके से खेती की जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। उनकी पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं, जिससे क्षेत्र के अन्य किसान और युवा भी आधुनिक खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
प्रदेश सरकार की विभिन्न कृषि एवं स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाकर उन्होंने अपने कृषि कार्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि खेती केवल पारंपरिक पेशा नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से एक लाभदायक व्यवसाय भी बन सकती है।
नरेश चंद्र भट्ट की उपलब्धियां आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। उनकी सफलता की कहानी ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार अपनाने, गांव में रहकर रोजगार सृजित करने और कृषि को आधुनिक व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
