अस्पताल में एक्सपायरी खून चढ़ाने का बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश गोंडा जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में निजी अस्पतालों में मरीजों को अवैध रूप से खून बेचने के बड़े रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद शहर के एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है।

पुलिस के अनुसार, गिरोह प्रसूताओं और ऑपरेशन के लिए भर्ती मरीजों को मोटी रकम लेकर अवैध रूप से ब्लड उपलब्ध कराता था। जांच के दौरान सामने आया कि ब्लड की गुणवत्ता और वैधता की अनदेखी की जा रही थी।

पुलिस जांच के मुताबिक, 13 नवंबर 2025 को एक 9 वर्षीय बच्ची को नगर क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इलाज के दौरान बच्ची को एक्सपायरी डेट का ब्लड चढ़ाया गया, जिससे उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। बाद में 19 नवंबर 2025 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में अवैध ब्लड सप्लाई नेटवर्क के संचालन के संकेत मिलने पर विशेष टीम का गठन किया गया।

पुलिस ने छापेमारी कर इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा किन निजी अस्पतालों तक इसकी पहुंच थी।

गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अवैध ब्लड कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। यदि जांच में किसी अस्पताल या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और ब्लड सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।