भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इस समझौते के लागू होने से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, सेवाओं और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
समझौते के तहत भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी पहुंच मिलेगी। कपड़ा, परिधान, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, समुद्री उत्पाद और कृषि आधारित वस्तुओं के निर्यात को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। वहीं भारत भी कई ब्रिटिश उत्पादों पर आयात शुल्क में चरणबद्ध राहत देगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।
यह समझौता वस्तुओं के व्यापार के अलावा आईटी, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, बीमा और पेशेवर सेवाओं के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाएगा। भारतीय पेशेवरों और कंपनियों के लिए ब्रिटेन में कारोबार और सेवाओं का विस्तार आसान होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता भारत के निर्यात को गति देने, विदेशी निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का मानना है कि इससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे और द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।