संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्र को लेकर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं और विभिन्न दल लगातार रणनीतिक बैठकें कर अपने एजेंडे को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
केंद्र सरकार की ओर से मंत्रियों और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले महत्वपूर्ण विधेयकों, सरकारी नीतियों और विपक्ष के संभावित सवालों का जवाब देने की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।
दूसरी ओर, विपक्षी दल भी साझा रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। विपक्ष का फोकस महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था, आर्थिक स्थिति और अन्य जनहित के मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाने पर है। विभिन्न दलों के बीच समन्वय स्थापित कर सरकार को घेरने की योजना बनाई जा रही है।