मानसून की पहली बारिश में बहा कदमवा घाट का चचरी पुल, नाव के सहारे आवागमन को मजबूर ग्रामीण

 पश्चिम चंपारण जिले में मानसून की पहली तेज बारिश ने ग्रामीण इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मझौलिया और सिकटा प्रखंड को जोड़ने वाले कदमवा घाट पर बना बांस का चचरी पुल नदी के तेज बहाव में बह गया, जिससे दोनों प्रखंडों के बीच आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

पुल बह जाने के बाद हजारों ग्रामीणों को अब एक बार फिर नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजमर्रा के काम, बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए नदी पार करना अब जोखिम भरा हो गया है।

इसका सबसे अधिक असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर पड़ा है। बच्चे अपनी साइकिल नाव पर रखकर नदी पार कर विद्यालय पहुंच रहे हैं। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है, क्योंकि तेज बहाव के बीच नाव से सफर करना खतरे से खाली नहीं है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हर वर्ष बरसात के मौसम में चचरी पुल बह जाता है और उन्हें इसी तरह परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण लंबे समय से यहां स्थायी पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द स्थायी पुल का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े।