भारत का दो टूक संदेश: आतंक और संवाद साथ-साथ नहीं चल सकते !

भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि जब तक सीमा पार से आतंकवाद पूरी तरह बंद नहीं होता, तब तक दोनों देशों के बीच भरोसे और सामान्य सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती।

भारत ने कहा कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। सरकार का मानना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति तभी संभव है, जब आतंकवाद को किसी भी प्रकार का समर्थन या संरक्षण न मिले।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आतंकवाद के खिलाफ सख्त और समान नीति अपनाने की अपील की तथा कहा कि सभी देशों को इस चुनौती का मिलकर सामना करना चाहिए।

office
Author: office