घरेलू शेयर बाजार में कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला। वैश्विक आर्थिक संकेतों, विदेशी बाजारों की चाल और निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रही।
विश्लेषकों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।
निवेशकों ने बड़े निवेश निर्णय लेने से पहले बाजार की दिशा और आगामी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार किया। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद दीर्घकालिक निवेशकों को संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए।