केंद्र सरकार डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नए कानूनी बदलावों की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल लोकसभा में पेश किया गया है। सरकार का दावा है कि डिजिटल रिकॉर्ड को कानूनी मान्यता देने और बैंकिंग प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने के लिए यह विधेयक महत्वपूर्ण साबित होगा।
वित्त मंत्रालय के अनुसार डिजिटल लेनदेन में तेजी से वृद्धि हुई है और वर्तमान समय में बड़ी संख्या में बैंकिंग सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित हो रही हैं। ऐसे में पुराने कानूनों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित बदलावों से डिजिटल दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की वैधता को और स्पष्ट किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा न्यायिक प्रक्रियाओं में भी डिजिटल प्रमाणों को लेकर स्पष्टता आएगी। हालांकि विपक्ष ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए विस्तृत समीक्षा की मांग की है। आने वाले दिनों में इस विषय पर संसद में व्यापक चर्चा होने की संभावना है।