जयनगर में सीमावर्ती ग्रामीणों के लिए सात दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण का समापन

भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 48वीं वाहिनी, जयनगर की ओर से नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती और वाइब्रेंट विलेज के ग्रामीणों के लिए आयोजित सात दिवसीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सीमा चौकी उसराही में किया गया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित हुआ, जिसमें कुल 16 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक जानकारी एवं कौशल प्रदान करना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन रमा फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। सात दिनों के दौरान प्रतिभागियों को मत्स्य पालन से जुड़ी बुनियादी तकनीकों, तालाब प्रबंधन, मछलियों के आहार, देखभाल और बेहतर उत्पादन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को मत्स्य पालन को आय के एक बेहतर साधन के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के बारे में जानकारी दी गई।

समापन समारोह में अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह के नागरिक कल्याण कार्यक्रम ग्रामीणों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीणों को प्रशिक्षण से मिली जानकारी का उपयोग कर स्वरोजगार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

सात दिवसीय प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी 16 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मत्स्य पालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं, जिनका उपयोग वे भविष्य में रोजगार और आय बढ़ाने के लिए कर सकते हैं।