झारखंड कुशवाहा महासभा की संगठनात्मक स्थिति और आगामी चुनाव प्रक्रिया को लेकर बुधवार को धनबाद के गांधी नगर स्थित कमलोदय भवन में एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सलाहकार समिति के संरक्षक अनिल सिंह ने की। बैठक में संगठन की वर्तमान स्थिति, आगामी चुनाव की तैयारियों और हाल के दिनों में उत्पन्न संगठनात्मक विवादों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य विषय धनबाद जिला अध्यक्ष लाल बाबू सिंह के इस्तीफे के बाद संगठन में बनी स्थिति और उससे उत्पन्न भ्रांतियों को दूर करना रहा। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हाकिम प्रसाद महतो, केंद्रीय समिति के पदाधिकारी, जिला इकाई के आजीवन सदस्य, चुनाव सलाहकार समिति के सदस्य तथा समाज के कई प्रबुद्धजन शामिल हुए।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने संगठन की एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ना होगा। इसके साथ ही आगामी चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न कराने पर भी सहमति व्यक्त की गई।
चर्चा के दौरान यह भी प्रस्ताव रखा गया कि संगठनात्मक हित और समाज की एकजुटता को ध्यान में रखते हुए लाल बाबू सिंह अपना इस्तीफा वापस लें और पूर्व की तरह संगठन की जिम्मेदारी संभालें। इस प्रस्ताव पर बैठक में मौजूद अधिकांश सदस्यों ने सहमति जताई। इसके बाद लाल बाबू सिंह के संगठन की कमान फिर से संभालने को लेकर सकारात्मक माहौल बन गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन के भीतर किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद को संवाद के माध्यम से दूर किया जाएगा। पदाधिकारियों ने कहा कि कुशवाहा समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और संगठनात्मक विकास के लिए महासभा लगातार कार्य करती रहेगी।
बैठक के अंत में संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता और आगामी चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए सभी सदस्यों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई। नेताओं ने विश्वास जताया कि आपसी संवाद और सहयोग से संगठन पहले से अधिक मजबूत होकर समाज के हित में कार्य करेगा।
