नेपाल और उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिखाई देने लगा है। गंडक, कोसी, बागमती, घाघरा, गंगा और सरयू सहित कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दोनों राज्यों के कई जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं।
बिहार के पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और खगड़िया समेत कई जिलों में नदियों के किनारे बसे गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है। वहीं उत्तर प्रदेश के बलिया, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, बहराइच और श्रावस्ती जैसे जिलों में भी प्रशासनिक टीमें सक्रिय हो गई हैं। तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीस घंटे निगरानी रखी जा रही है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, दवाइयों और नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा लोगों को सतर्क रहने, नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है तो आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का दावा कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है तथा राहत शिविरों की भी तैयारी की जा रही है।