केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला कमेटी की ओर से जिले के विभिन्न प्रखंडों में धरना-प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रखंड एवं नगर कमिटी के संयुक्त तत्वावधान में विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रस्तावित खनिज विधेयक के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे वापस लेने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर केंद्र सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखीं और राज्य के खनिज संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि खनिज संपदा से जुड़े किसी भी कानून या व्यवस्था में राज्य के हितों और स्थानीय लोगों के अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां के संसाधनों पर राज्य तथा स्थानीय समुदायों का हित सुरक्षित रहना चाहिए।
धरना में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए विधेयक पर पुनर्विचार करने की मांग की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। झामुमो नेताओं ने कहा कि राज्य के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
