नहर की तेज धार में बही 12 वर्षीय बच्ची, मौत; कर्मा-धर्मा पर्व की खुशियां मातम में बदलीं

रोहतास जिले के बिक्रमगंज प्रखंड क्षेत्र के रमन डिहरा गांव में बुधवार की सुबह कर्मा-धर्मा पर्व की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब नहर में झूर विसर्जन करने गई तीन बच्चियां तेज धार की चपेट में आकर बह गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दो बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि तीसरी बच्ची 12 वर्षीय गुड़िया कुमारी तेज बहाव में बह गई।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी। कई घंटे तक नहर में खोजबीन की गई। काफी प्रयास के बाद घटनास्थल से कुछ दूरी पर नहर से गुड़िया कुमारी का शव बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली, परिवार में कोहराम मच गया और गांव का माहौल गमगीन हो गया।

कर्मा-धर्मा पर्व को लेकर नहर में गई थीं बच्चियां

बताया जाता है कि बुधवार की अहले सुबह रमन डिहरा गांव की कुछ बच्चियां कर्मा-धर्मा पर्व को लेकर गांव के समीप स्थित नहर में झूर विसर्जन करने गई थीं। इसी दौरान नहर के तेज बहाव में तीन बच्चियां असंतुलित होकर बहने लगीं।

बच्चियों को बहता देखकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बचाव का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों की तत्परता से दो बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन गुड़िया कुमारी पानी की तेज धार में बह गई।

कई घंटे की तलाश के बाद मिला शव

गुड़िया के बहने के बाद ग्रामीणों ने नहर के अलग-अलग हिस्सों में उसकी तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद घटनास्थल से कुछ दूरी पर बच्ची का शव बरामद किया गया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कर्मा-धर्मा पर्व को लेकर परिवार और गांव में जहां उत्साह का माहौल था, वहीं हादसे के बाद वही खुशियां मातम में बदल गईं।

घटना ने एक बार फिर नहर और जलस्रोतों में तेज बहाव के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। पर्व-त्योहार के दौरान बच्चों के साथ विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।