जिले में आवास प्लस योजना की सर्वे सूची में शामिल सैकड़ों पात्र लाभुकों के नाम अंतिम सूची से गायब होने का मामला सामने आया है। इसको लेकर जिला मुखिया संघ ने आपत्ति जताते हुए मामले की जांच की मांग की है। मुखिया संघ के प्रतिनिधियों ने डीडीसी से मुलाकात कर सर्वे में शामिल पात्र लाभुकों के नाम सूची में शामिल कराने की मांग रखी।
मोतिहारी में जिला मुखिया संघ की बैठक मुखिया गोपाल राय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए मुखियाओं ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान आवास प्लस योजना सहित पंचायतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
2024 में कराया गया था सर्वे
मुखियाओं के अनुसार, वर्ष 2024 में आवास प्लस योजना के तहत पंचायतों में पात्र लोगों के नाम जोड़ने के लिए आवास सहायकों के माध्यम से सर्वे कराया गया था। सर्वे के बाद तैयार की गई सूची संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को उपलब्ध कराई गई थी।
मुखिया संघ का कहना है कि सर्वे प्रक्रिया में जिन लोगों को शामिल किया गया था, सूची जारी होने के बाद उनमें से बड़ी संख्या में लाभुकों के नाम अंतिम सूची में दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे पात्र परिवारों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जांच कर पात्र लाभुकों के नाम जोड़ने की मांग
जिला मुखिया संघ के प्रतिनिधियों ने इस मामले को लेकर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से मुलाकात की। संघ ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही सर्वे में शामिल पात्र लाभुकों के नामों का दोबारा सत्यापन कर उन्हें योजना की सूची में शामिल करने की मांग रखी गई है।
मुखियाओं ने अधिकारियों के समक्ष कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिन्हें आवास की जरूरत है। ऐसे में सर्वे के दौरान पात्र पाए गए लोगों के नाम अंतिम सूची से गायब होने की स्थिति की जांच जरूरी है।
प्रशासन से पारदर्शी जांच की मांग
मुखिया संघ ने मांग की है कि आवास प्लस योजना की सर्वे सूची और जारी सूची का मिलान कराया जाए, ताकि नाम गायब होने के कारणों का पता चल सके। संघ का कहना है कि जांच के बाद पात्र लाभुकों को योजना का लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल मुखिया संघ की शिकायत के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
