सिमराहा स्थित सिरसिया में संचालित मांस फैक्ट्री के विरोध में आयोजित धरना-प्रदर्शन के बाद फैक्ट्री में माल सप्लाई करने वाले विक्रेताओं और अन्य लोगों ने पत्रकार वार्ता कर विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए। विक्रेता संघ ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के विरोध के पीछे राजनीति की जा रही है।
पत्रकार वार्ता में विक्रेता संघ के साकेत सौरभ ने कहा कि फैक्ट्री से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10 हजार लोगों को रोजगार मिलने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरोध के बीच रोजगार से जुड़े इस पहलू पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विक्रेताओं ने यह भी माना कि फैक्ट्री से दुर्गंध निकलती है। हालांकि, उनका कहना है कि फैक्ट्री से जुड़े रोजगार और स्थानीय लोगों की आजीविका के पहलू पर भी चर्चा होनी चाहिए। विक्रेता संघ ने जनप्रतिनिधियों से रोजगार के मुद्दे पर सवाल करते हुए पूछा कि क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को लेकर उनकी क्या योजना है।
विक्रेताओं ने बियाडा की जमीन से जुड़े सवाल भी उठाए और कहा कि फैक्ट्री के विरोध को केवल एक पक्ष से देखने के बजाय रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया जाना चाहिए।
फैक्ट्री के विरोध में प्रदर्शन करने वाले लोगों की ओर से पर्यावरण, दुर्गंध और स्थानीय समस्याओं को लेकर आपत्तियां जताई गई हैं। वहीं फैक्ट्री से जुड़े विक्रेता और समर्थक रोजगार के अवसरों का हवाला दे रहे हैं। इस मामले में दोनों पक्षों के दावों और आपत्तियों के बीच विवाद जारी है।
