दहेज हत्या मामले में सास-ससुर दोषी करार, 9 अक्टूबर को सजा पर फैसला

बगहा के नौरंगिया थाना क्षेत्र के जरलहिया पचरूखा गांव में विवाहिता विनिता देवी की दहेज हत्या के मामले में अदालत ने सास और ससुर को दोषी करार दिया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद सास फगनी देवी और ससुर भुट्टी राय को दोषी पाया है। अब दोनों की सजा के बिंदु पर सुनवाई 9 अक्टूबर 2026 को होगी।

अदालत ने दोनों आरोपितों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 103(1) और 3(5) के तहत दोषी करार दिया है। मामले में अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार को अब सजा के निर्णय का इंतजार है।

लोक अभियोजक जितेन्द्र भारती ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को साबित करने के लिए कुल छह गवाहों की गवाही कराई गई। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष मामले से जुड़े साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से सुनवाई के दौरान कोई मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।

अभियोजन के अनुसार, विनिता देवी की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। शादी के बाद दहेज को लेकर उसे कथित रूप से प्रताड़ित किया जाता था। मामले में विवाहिता की मौत के बाद परिजनों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों से संबंधित गवाहों को अदालत में पेश किया। गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सास फगनी देवी और ससुर भुट्टी राय को दोषी करार दिया।

अब 9 अक्टूबर 2026 को अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। इसी दिन यह तय होगा कि दोषी करार दिए गए दोनों आरोपितों को किस प्रकार की सजा दी जाती है।

दहेज हत्या जैसे गंभीर मामले में अदालत के इस फैसले के बाद क्षेत्र में भी इसकी चर्चा है। फिलहाल मामले में अगली सुनवाई और सजा के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।