नवरात्र में दुर्गा पूजा पंडालों में फायर सेफ्टी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत

नवरात्र के पावन अवसर पर बोकारो और चास में मां दुर्गा की आराधना को लेकर भक्तिमय माहौल बना हुआ है। शहर के विभिन्न इलाकों में भव्य दुर्गा पूजा पंडालों का निर्माण अंतिम चरण में है। वहीं, मीना बाजार, डांडिया नाइट और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पंचमी और षष्ठी तक अधिकांश पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए तैयार हो जाएंगे।

नवरात्र के दौरान पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। पूजा समितियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

फायर सेफ्टी को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

दुर्गा पूजा पंडालों में बिजली की सजावट, रोशनी, कपड़े और अन्य ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आग लगने की आशंका को कम करने के लिए अग्नि सुरक्षा के इंतजाम बेहद जरूरी हैं। प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास मार्ग और बिजली के तारों की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, आयोजकों और स्वयंसेवकों को आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर भी जोर

पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते, पर्याप्त रोशनी और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। संवेदनशील और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम, निगरानी और जरूरत के अनुसार पुलिस बल की तैनाती से अप्रिय घटनाओं की आशंका कम की जा सकती है।

नवरात्र के दौरान मीना बाजार, डांडिया नाइट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे आयोजनों में भी अग्नि सुरक्षा, बिजली के सुरक्षित कनेक्शन और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

दुर्गा पूजा आस्था और उत्सव का पर्व है। ऐसे में पूजा समितियों, प्रशासन, पुलिस और आम नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है कि उत्सव के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मां दुर्गा के दर्शन कर सकें और त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो।