शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना के बाद गोंडा शहर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी है। जानकारी के अनुसार, शहर में स्थापित 212 प्रतिमाओं में से 206 प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हो गया है, जबकि बंगाली समाज की 7 प्रतिमाओं का विसर्जन अगले दिन किया जाना है।
नवरात्रि के दौरान जिलेभर में दुर्गा पूजा की धूम रही। विभिन्न पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। विजयादशमी के अवसर पर पंडालों में हवन-पूजन, कन्या भोज और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
गोंडा शहर के संतोषी माता मंदिर, अंबेडकर चौराहा, पशुपालन कार्यालय के पास और जेल रोड स्थित प्रधान डाकघर के सामने भंडारे आयोजित किए गए। वहीं, पीपल चौराहे स्थित संतोषी माता मंदिर में 101 कन्याओं को भोजन कराया गया और उन्हें उपहार भेंट किए गए।
दूसरी ओर, प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे की तेज आवाज को लेकर भी सवाल उठे। खबर के अनुसार, डीजे पर प्रतिबंध के बावजूद कई स्थानों पर तेज आवाज में डीजे बजाए गए। इसको लेकर प्रशासन की निगरानी और प्रतिबंध के पालन पर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन का पक्ष उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल गोंडा शहर में अधिकांश दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पूरा हो चुका है। बंगाली समाज की प्रतिमाओं का विसर्जन शेष है।
