धनबाद में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान शुरू, बारामुड़ी खटाल में नाइट ब्लड सर्वे

फाइलेरिया जैसी गंभीर और दिव्यांगता का कारण बनने वाली बीमारी के उन्मूलन के लिए धनबाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रात्रि रक्त सर्वेक्षण यानी ‘नाइट ब्लड सर्वे’ की शुरुआत की गई है।

इस अभियान का शुभारंभ धनबाद सदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर बिशनपुर के सेंटिनल साइट बारामुड़ी खटाल में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार प्रसाद ने की।

रात में क्यों किया जाता है नाइट ब्लड सर्वे?

फाइलेरिया के परजीवियों की पहचान के लिए रात के समय रक्त का नमूना लेना महत्वपूर्ण होता है। इस बीमारी के कुछ परजीवी रात में रक्त में अधिक सक्रिय रूप से मौजूद होते हैं। ऐसे में रात्रि रक्त सर्वेक्षण के माध्यम से संक्रमित व्यक्तियों की पहचान करने और संक्रमण की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलती है।

फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग की पहल

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत नाइट ब्लड सर्वे का उद्देश्य संक्रमण की मौजूदगी का पता लगाना और बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना है। सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य विभाग आगे की रणनीति तैयार कर सकता है।

फाइलेरिया मच्छरों के माध्यम से फैलने वाली बीमारी है। लंबे समय तक संक्रमण रहने पर इससे हाथ-पैर में असामान्य सूजन और स्थायी दिव्यांगता जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय पर पहचान, स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह और निर्धारित उपचार से बीमारी के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी

स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान फाइलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक करने और संक्रमण की पहचान को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आम लोगों से अपील है कि वे स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग करें और फाइलेरिया से बचाव तथा उपचार से संबंधित आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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