झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति (PAC) की बैठक धनबाद सर्किट हाउस में आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष सह बरही विधायक मनोज कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में CAG प्रतिवेदन, लंबित मामलों, सरकारी विभागों के राजस्व संग्रह और विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बकाया राशि की वसूली में तेजी लाने और अधूरी योजनाओं के लिए जिम्मेदार संवेदकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
50 प्रतिशत से अधिक मामलों में रिकवरी
बैठक में समिति को जानकारी दी गई कि अब तक 50 प्रतिशत से अधिक मामलों में रिकवरी सुनिश्चित की जा चुकी है। शेष बकाया राशि की जल्द वसूली करने और सरकारी राजस्व संग्रह को बढ़ाने के निर्देश दिए गए। समिति ने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों से कार्रवाई में तेजी लाने पर जोर दिया।
लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की अधूरी योजनाओं को लेकर समिति ने सख्त रुख अपनाया। योजनाओं को समय पर पूरा नहीं करने और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों यानी संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की गई। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना और कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
CAG रिपोर्ट और लंबित मामलों की समीक्षा
बैठक के दौरान नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं तथा विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों पर चर्चा हुई। समिति ने सरकारी धन के उपयोग, राजस्व वसूली और विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा की, ताकि लंबित मामलों का समाधान किया जा सके।
माइनिंग साइटों के निरीक्षण पर भी जोर
बैठक में माइनिंग साइटों के स्थलीय निरीक्षण का मुद्दा भी शामिल रहा। समिति की ओर से संबंधित विषयों की जमीनी स्थिति का आकलन करने और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
धनबाद में हुई इस बैठक को सरकारी राजस्व की वसूली, लंबित मामलों के निष्पादन और विकास योजनाओं में लापरवाही पर कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
