गिरिडीह के गोरो गांव में मारपीट, छेड़छाड़ और लूटपाट का आरोप, 15 लोगों के खिलाफ थाने में आवेदन

गिरिडीह जिले के नवडीहा ओपी क्षेत्र अंतर्गत गोरो गांव में मारपीट, छेड़छाड़, तोड़फोड़ और लूटपाट का मामला सामने आया है। गांव के निवासी सुखदेव पंडित ने 15 लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए नवडीहा थाना प्रभारी को लिखित आवेदन दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

पीड़ित के आवेदन के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11 बजे कथित आरोपी हथियारों से लैस होकर उनके घर के पास पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान गाली-गलौज करते हुए धमकी दी गई। विरोध करने पर एक व्यक्ति ने टांगी से हमला कर दिया, जिससे सुखदेव पंडित के सिर में गंभीर चोट लगी और खून बहने लगा।

बीच-बचाव करने पहुंची पत्नी के साथ भी मारपीट का आरोप

सुखदेव पंडित ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उनकी पत्नी अहिल्या देवी बीच-बचाव करने पहुंचीं तो उनके साथ भी मारपीट की गई। पीड़ित के अनुसार, इस घटना में अहिल्या देवी के सिर में चोट लगी और उनके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया।

आवेदन में लगाए गए आरोपों के मुताबिक, घटना के दौरान परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की गई और उन्हें नुकसान पहुंचाया गया। मामले में महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, घटना से संबंधित सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और दूसरे पक्ष का बयान फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

15 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

पीड़ित सुखदेव पंडित ने नवडीहा ओपी प्रभारी को आवेदन देकर कुल 15 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान मारपीट के साथ घर में तोड़फोड़ और लूटपाट भी की गई।

पीड़ित ने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की जांच करने, संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की है।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की स्थिति

गोरो गांव में हुई कथित मारपीट की इस घटना में पति-पत्नी के घायल होने का आरोप लगाया गया है। आवेदन में टांगी से हमला, गाली-गलौज, धमकी, महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़, तोड़फोड़ और लूटपाट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी पीड़ित की ओर से दिए गए आवेदन पर आधारित है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, प्राथमिकी दर्ज होने की स्थिति और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।