बारामूड़ी खटाल समेत धनबाद के विभिन्न खटालों में वर्षों से रह रहे गरीब, मेहनतकश और पशुपालक परिवारों को बेदखल किए जाने की कार्रवाई के विरोध में एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा एवं संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने समर्थन का ऐलान किया है। बुधवार को धनबाद परिसदन (सर्किट हाउस) में आयोजित संयुक्त बैठक में दोनों संगठनों ने 4 नवंबर को प्रस्तावित विशाल जन-रैली को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। साथ ही एससी, एसटी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक समाज के लोगों से बड़ी संख्या में रैली में शामिल होने की अपील की गई।
बैठक की अध्यक्षता अशोक चंद्रवंशी ने की, जबकि संचालन नेहरू हेम्ब्रम ने किया। बैठक में खटालों में लंबे समय से रह रहे परिवारों की स्थिति और उन्हें बेदखल किए जाने से उत्पन्न समस्याओं पर चर्चा की गई।
गरीब परिवारों के पुनर्वास की मांग
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि खटालों में वर्षों से रहने वाले गरीब परिवारों की समस्याओं का समाधान मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि परिवारों को उजाड़ने से पहले उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि उनके सामने आवास और आजीविका का संकट उत्पन्न न हो।
संगठनों ने कहा कि पशुपालन और मेहनत-मजदूरी के सहारे जीवनयापन करने वाले परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को उचित कदम उठाने चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों के अधिकारों और उनकी आजीविका पर पड़ने वाले प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
4 नवंबर की रैली में शामिल होने की अपील
एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा और संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने आगामी 4 नवंबर को आयोजित होने वाली विशाल जन-रैली को सफल बनाने का आह्वान किया। दोनों संगठनों ने विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों से एकजुट होकर रैली में भाग लेने की अपील की।
बैठक में खटालवासियों के समर्थन में आवाज उठाने और उनके पुनर्वास की मांग को प्रशासन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। संगठनों ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने की बात कही।
