युवाओं को नशे की बढ़ती समस्या से बचाने और देश में नशामुक्त वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से बोधगया स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) के सभागार में क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), पटना के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का विषय ‘स्वस्थ युवा, नशामुक्त भारत’ रखा गया।
कार्यक्रम में पीआईबी पटना के अधिकारी और आईआईएम बोधगया की निदेशक प्रो. विनिता सहाय सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे। कार्यशाला के दौरान नशे की बढ़ती समस्या, युवाओं पर इसके दुष्प्रभाव और नशामुक्त भारत के निर्माण में समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर विस्तार से चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षण संस्थानों, परिवारों, मीडिया और सामाजिक संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है।
कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि परिवार बच्चों के व्यवहार और उनकी गतिविधियों पर ध्यान दें तथा समय रहते उनमें होने वाले बदलावों को समझें। वहीं, शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
मीडिया की भूमिका पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाचार माध्यम समाज में जागरूकता पैदा करने का प्रभावी माध्यम हैं। मीडिया को नशे के दुष्परिणामों, इससे बचाव और उपलब्ध सहायता व्यवस्था से जुड़ी सही एवं तथ्यात्मक जानकारी लोगों तक पहुंचानी चाहिए।
इसके साथ ही युवाओं को खेलकूद, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य रचनात्मक कार्यों से जोड़ने पर जोर दिया गया। वक्ताओं का मानना था कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देने से युवाओं में अनुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने में मदद मिलेगी।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नशामुक्त भारत के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करना तथा युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए मीडिया, शिक्षण संस्थानों, परिवारों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करना रहा।
