पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में मौसमी प्रणाली ‘अर्नब’ का असर अब खेती-किसानी पर दिखाई देने लगा है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण कोतुलपुर ब्लॉक में अमन धान की फसल बड़े पैमाने पर खेतों में गिर गई है। कटाई से ठीक पहले फसल के जमीन पर बिछ जाने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। इस स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, बांकुड़ा जिले में सामान्यतः धान की खेती थोड़ी देर से होती है, लेकिन कोतुलपुर ब्लॉक आलू उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है। यहां आलू की अगली खेती को ध्यान में रखते हुए धान की बुआई अपेक्षाकृत जल्दी कर दी जाती है। इसी कारण कोतुलपुर के अधिकांश खेतों में अमन धान की फसल पककर तैयार हो चुकी थी।
इसी नाजुक समय पर मौसमी प्रणाली ‘अर्नब’ के प्रभाव से मौसम में बदलाव आया। पिछले तीन दिनों से कोतुलपुर इलाके में तेज और अनिश्चित हवाओं के साथ हल्की बारिश हो रही है। इसके चलते खेतों में खड़ी तैयार धान की फसल जमीन पर गिर गई है।
कटाई से पहले फसल गिरने से बढ़ी किसानों की परेशानी
किसानों के लिए यह समय धान की कटाई और उपज घर लाने का होता है। ऐसे में फसल के जमीन पर गिर जाने से कटाई में परेशानी बढ़ सकती है और पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। खेतों में बिछी फसल को देखकर किसान अपनी महीनों की मेहनत और संभावित आर्थिक नुकसान को लेकर चिंतित हैं।
कोतुलपुर क्षेत्र में धान की खेती के बाद आलू की खेती भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में धान की फसल को नुकसान पहुंचने से किसानों की आगामी कृषि योजनाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है।
फिलहाल किसान मौसम में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण खेती पर पड़े इस प्रभाव ने एक बार फिर मौसम की अनिश्चितता और किसानों की चुनौतियों को सामने ला दिया है।
