लिंडसे क्लब और लाइब्रेरी की ओर से प्रकाशित बच्चों की साहित्यिक पत्रिका ‘समुद्दूर’ के नवीनतम अंक का विमोचन शुक्रवार की शाम क्लब परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच किया गया। इस अवसर पर साहित्य और शिक्षा जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं।
पत्रिका का विमोचन इस वर्ष युवा साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त लेखक विनोद घोषाल और धनबाद के प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. सिद्धार्थ बंदोपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में साहित्य, भाषा और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति रुचि विकसित करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत लिंडसे क्लब की बांग्ला शिक्षण इकाई ‘आबोल ताबोल’ के बच्चों द्वारा की गई। बच्चों ने प्रसिद्ध बांग्ला साहित्यकार सुकुमार राय की कविताओं पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उनकी मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना दिया।
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध बांग्ला शब्दों का खेल कार्यक्रम ‘शब्दों बाजी’ रहा। इसका संचालन पूर्व रेडियो जॉकी तन्मय रायचौधुरी ने किया। बांग्ला भाषा पर आधारित इस अनूठे शब्द खेल के माध्यम से भाषा की रोचकता, शब्दों के ज्ञान और साहित्यिक समझ को मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रतिभा, बांग्ला भाषा की समृद्ध साहित्यिक परंपरा और बाल साहित्य के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। पत्रिका ‘समुद्दूर’ के नए अंक का प्रकाशन बच्चों को पढ़ने, लिखने और अपनी कल्पनाशीलता को अभिव्यक्त करने के लिए एक बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
लिंडसे क्लब और लाइब्रेरी की इस पहल से बच्चों में साहित्यिक रुचि को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ बांग्ला भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
