कतरास में कतरी नदी पर फिर अतिक्रमण का आरोप, FIR के बावजूद मलबा डालकर बना दी 6 फीट ऊंची सड़क; बस्तियों पर बाढ़ का खतरा

धनबाद जिले के कतरास में कतरी नदी के अस्तित्व और प्राकृतिक जलप्रवाह से कथित छेड़छाड़ का मामला एक बार फिर सामने आया है। अवैध पुल निर्माण को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने और प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद नदी में अतिक्रमण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में कतरास बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सुदाम गिरी ने उपायुक्त (DC) को दोबारा आवेदन सौंपकर आरके कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कार्रवाई के बाद फिर नदी में डाला गया मलबा

शिकायत के अनुसार, पूर्व में प्रशासनिक सख्ती के बाद कंपनी ने मौके से आठ पाइप हटा लिए थे। लेकिन आरोप है कि अब उसी स्थान के आसपास भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और माइनिंग का मलबा डालकर करीब पांच से छह फीट ऊंची कच्ची सड़क बना दी गई है। इससे कतरी नदी का प्राकृतिक जलप्रवाह बाधित होने की आशंका जताई जा रही है।

आसपास की बस्तियों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

नदी में मलबा डालकर सड़क बनाए जाने से आसपास की बस्तियों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि यदि नदी के पानी के बहाव में रुकावट आई तो बारिश के दौरान जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे आसपास रहने वाले लोगों और उनके घरों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।

DC से दोबारा शिकायत, कार्रवाई की मांग

कतरास बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सुदाम गिरी ने उपायुक्त को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने और कथित अतिक्रमण पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखने, मलबे को हटवाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

FIR दर्ज होने के बावजूद दोबारा अतिक्रमण के आरोप सामने आने से प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और कतरी नदी को कथित अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए क्या ठोस पहल की जाती है।