धनबाद के हीरापुर स्थित तेलीपाड़ा काली मंदिर में मां श्यामा काली की पूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। यहां पिछले 250 वर्षों से अधिक समय से मां श्यामा काली की पूजा पारंपरिक रीति-रिवाजों और पूरे विधि-विधान के साथ होती आ रही है। इस वर्ष भी श्री श्री श्यामा पूजा समिति की ओर से पूजा का आयोजन भव्य रूप से किया जा रहा है।
इस बार श्रद्धालुओं के लिए तारापीठ मंदिर की थीम पर आधारित आकर्षक पंडाल तैयार किया जाएगा, जो पूजा का मुख्य आकर्षण रहेगा। पंडाल को विशेष रूप देने की तैयारी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को तारापीठ मंदिर की धार्मिक और आध्यात्मिक झलक देखने को मिले।
250 साल से अधिक पुरानी है पूजा की परंपरा
तेलीपाड़ा काली मंदिर की पूजा धनबाद की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष स्थान रखती है। 250 वर्षों से अधिक समय से यहां मां श्यामा काली की आराधना होती आ रही है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस परंपरा से स्थानीय लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है।
तारापीठ थीम का पंडाल बनेगा आकर्षण
हर वर्ष की तरह इस बार भी पूजा को भव्य स्वरूप देने की तैयारी है। तारापीठ मंदिर की थीम पर बनने वाला पंडाल श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र होगा। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचकर मां श्यामा काली का दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
तेलीपाड़ा काली मंदिर की यह ऐतिहासिक पूजा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि धनबाद की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाती है।
