उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के छोड़हर गांव में बच्चों के विवाद के बाद एक बुजुर्ग की हत्या हो गई। घटना के बाद पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के तरीके को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शव को शव वाहन के बजाय ई-रिक्शा पर खुले में रखकर शहर के बीचों-बीच से पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाया। इस दौरान लोगों की भीड़ भी जुटी, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। परिजनों ने इसे मानवाधिकार का उल्लंघन बताते हुए कड़ा विरोध जताया।
परिजनों का कहना है कि “जिंदा व्यक्ति के साथ तो ठीक, लेकिन मृतकों के साथ भी इस तरह का व्यवहार बेहद अमानवीय है।” उनका आरोप है कि पुलिस को शव के सम्मानजनक परिवहन की व्यवस्था करनी चाहिए थी।
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।










