देश में बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार सतर्क नजर आ रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों और रोजमर्रा की खाने-पीने की वस्तुओं के दामों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, आपूर्ति श्रृंखला और घरेलू उत्पादन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही, आम जनता पर महंगाई का असर कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी विचार किया गया।
सूत्रों के अनुसार, सरकार आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कई उपायों पर काम कर रही है, जिसमें स्टॉक मॉनिटरिंग, आपूर्ति बढ़ाना और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करना शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक बाजार स्थिर रहता है और घरेलू आपूर्ति मजबूत बनी रहती है, तो आने वाले समय में महंगाई पर कुछ हद तक नियंत्रण संभव है।









