वैश्विक स्तर पर एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है, जहां United States और China के बीच व्यापार और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर मतभेद गहराते जा रहे हैं।
दोनों देशों के बीच टैरिफ, टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट, और सप्लाई चेन को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। हाल के घटनाक्रमों में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा सहयोग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।
सुरक्षा के मोर्चे पर भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और रणनीतिक साझेदारियों को लेकर दोनों देशों के बीच अविश्वास बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तनाव वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।
दुनिया के अन्य देश भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इन दो महाशक्तियों के बीच बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय संबंधों और बाजारों की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।









