गोड्डा के फैजान ने रचा इतिहास, मुंह से लिखकर मैट्रिक में 93.8% अंक हासिल

झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले दिव्यांग छात्र फैजानउल्लाह ने मैट्रिक परीक्षा में 93.8 प्रतिशत अंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। 500 में से 469 अंक लाकर उन्होंने न केवल शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि राज्य के 25 वर्षों के इतिहास में 100 प्रतिशत दिव्यांग छात्र के रूप में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले छात्र बन गए हैं।

फैजानउल्लाह सेरेब्रल पाल्सी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, जिसके कारण उनके हाथ और पैर सामान्य रूप से काम नहीं करते। लेकिन उन्होंने कभी अपनी कमजोरी को अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने मुंह से कलम पकड़कर पूरी परीक्षा लिखी और अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया।

कठिन परिस्थितियों में भी फैजान की लगन, आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उनके इस संघर्ष और सफलता की कहानी आज पूरे झारखंड में चर्चा का विषय बन गई है और लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।

हालांकि फैजान का लक्ष्य 99.9 प्रतिशत अंक हासिल करना था, लेकिन 93.8 प्रतिशत अंक भी उनके अद्भुत संघर्ष और मेहनत की बड़ी जीत मानी जा रही है।

फैजानउल्लाह का सपना आगे चलकर झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा पास कर एसडीएम बनना है, ताकि वे समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सकें।

उनकी यह सफलता यह संदेश देती है कि जीवन में किसी भी चुनौती के सामने हार नहीं माननी चाहिए। सही मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।