वैश्विक जलवायु संकट से निपटने के लिए आयोजित अंतरराष्ट्रीय क्लाइमेट समिट में बड़ा फैसला लिया गया है। लगभग 60 देशों ने कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए नई प्रतिबद्धताएं जताई हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
समिट में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने और ग्रीन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही विकसित और विकासशील देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की भी बात कही गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये प्रतिबद्धताएं सही तरीके से लागू होती हैं, तो इससे ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।