देश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के स्तर पर नए नियमों और सख्त दिशा-निर्देशों पर चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ गलत जानकारी, अफवाह और भ्रामक खबरें भी तेजी से फैल रही हैं, जिसका असर समाज और कानून व्यवस्था पर पड़ सकता है। कई मामलों में फेक न्यूज के कारण तनाव और भ्रम की स्थिति भी पैदा हुई है।
सरकार डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करने के लिए नए उपायों पर विचार कर रही है। प्रस्तावित नियमों में फर्जी खबरों की पहचान, आपत्तिजनक कंटेंट पर त्वरित कार्रवाई और यूजर्स की सुरक्षा से जुड़े प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार फेक न्यूज पर रोक लगाने के लिए जागरूकता भी बेहद जरूरी है। लोगों को किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने की सलाह दी जा रही है। आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए जा सकते हैं।