देश में संसद के संभावित विशेष सत्र और कई राजनीतिक मुद्दों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही महत्वपूर्ण रणनीतियों और बैठकों में जुटे हुए हैं।
कई राष्ट्रीय मुद्दों, आर्थिक नीतियों, चुनावी रणनीतियों और विधेयकों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में संसद का यह सत्र काफी अहम साबित हो सकता है।
देशभर में राजनीतिक दल जनता के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार अभियान और जनसभाएं आयोजित कर रहे हैं।