गंदे पानी की समस्या पर करनडीह के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क जाम आंदोलन की चेतावनी

जमशेदपुर ग्राम पंचायत दक्षिणी करनडीह की मुखिया सरस्वती टुडू के नेतृत्व में करनडीह ग्रामसभा और ग्रामीणों ने क्षेत्र में गंदे पानी की गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने उप विकास आयुक्त, पूर्वी सिंहभूम को ज्ञापन सौंपकर परसुडीह गौरी भवन से करनडीह रेलवे फाटक तक बह रहे गंदे एवं मल-मूत्र युक्त पानी की निकासी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार आसपास के मकानों और बहुमंजिला भवनों का गंदा पानी सड़क के रास्ते लाइन टोला, धरमटोला और घसियाडीह की ओर बह रहा है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। करनडीह स्थित एस.एस. हाई स्कूल के छात्र-छात्राएं भी प्रतिदिन इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं।

मुखिया सरस्वती टुडू ने कहा कि दूषित पानी के कारण क्षेत्र में मलेरिया, फाइलेरिया, टाइफाइड और जॉन्डिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि लगभग 40 से 50 एकड़ कृषि भूमि और कई तालाब प्रभावित होकर दलदली क्षेत्र में बदल चुके हैं, जबकि सड़कें भी लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं।

ग्रामसभा के माझी बाबा एवं अध्यक्ष सालखु सोरेन ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण परसुडीह गौरी भवन से करनडीह रेलवे फाटक तक सड़क जाम कर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

ज्ञापन सौंपने वालों में मुखिया सरस्वती टुडू, ग्रामसभा अध्यक्ष सालखु सोरेन, शंकर हेंब्रम, सिंहराय मुर्मू, रघुनाथ हांडा, बंगाल मार्डी, लेचा मुर्मू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।